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अरविंद अकेला की लघुकथा काश_sahitykunj

लघुकथा

       काश
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      कोरोना काल की इस महामारी के दौरान सरकारी अधिकारी एवं सोशल मीडिया के लोग लोगों को लगातार जागरूक कर रहे थे कि लोग बिना मास्क के घर से बाहर नहीं निकलें,सोशल डिस्टेंसींग का पालन करें, गलत बयानी नहीं करें एवं किसी तरह का अफवाह नहीं फैलायें,लेकिन हमारे शहर के चर्चित विधायक रंग बहादुर सिंह पर इसका कोई असर नहीं पड़ा रहा था। बिधायक जी लगातार अपने क्षेत्र में अनावश्यक बिना मास्क के निकल रहे थे। मिडिया वालों ने उनसे लगातार सम्पर्क कर सवाल पुछा कि सर आप कोरोना महामारी को रोकने के लिए क्या प्रयास कर रहे हैं तब विधायक श्री रंग बहादुर सिंह ने जबाब दिया कि कोरोना वोरोना कहीं नहीं है आप लोग झुठ मूठ के गलत बोल रहे हैं कि कोरोना फैला है,यह सब मामूली सर्दी, खाँसी,बुखार है।
     कुछ दिन बाद बिधायक जी को बुखार के साथ श्वास लेने में तकलीफ हुयी जिस कारण उन्हें अस्पताल मे भर्ती होना पड़ा जहाँ कोरोनो पॉजिटिव होने के कारण उनका निधन हो गया।
    उनके शोक सभा में शामिल पत्रकार प्रियदर्शी ने कहा कि काश..., बिधायक जी सोशल डिस्टेंसींग का पालन किये होते एवं  मुँह पर मास्क लगाकर घर से निकले होते एवं नियमों का पालन किये होते तो आज बिधायक जी हमारे बीच जिन्दा होते।
    प्रियदर्शी की बातें सुनकर वहाँ उपस्थित लोगों ने यह प्रण किया कि बिना मास्क लगाये अनावश्यक घर से बाहर नहीं निकालेंगे एवं जीवन में सदैव सोशल डिस्टेन्ससिग का पालन करेंगे।
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           अरविन्द अकेला

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2 Comments
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ARVIND AKELA said…
वाह,बहुत अच्छे।
दिल से आभार आपका आदरणीय श्री राम राय जी।
👏🏽👏🏽👏🏽👏🏽👏🏽👏🏽
Sushma Singh said…
जागरूकता भरी कहानी