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तुलसी काव्य प्रतियोगिता । गांव मेरा सुकून का छाँव_sanjiw

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गाॅंव मेरा है सुकून की छाॅऺंव
गाॅंव मेरा है प्रेम का खलिहान
प्रेम की धारा बहती है जहाॅऺं
स्वच्छ हवा बहती है वहाॅं
द्वेष नहीं प्रेम है जहाॅऺं
राग नहीं अनुराग है वहाॅऺं
दिलों में सबका वास है जहाॅऺं
बेरोकटोक हर घर में आना जाना है वहाॅऺं
किसी एक को दर्द होता जहाॅऺं
सब दौड़ कर चले आते वहाॅऺं
बिना रिश्ते सब साथ खुशियाॅऺं मनाते जहाॅऺं
मंगल गीत सब मिल गाते वहाॅऺं
नदियां की धारा का संगीत बहता जहाॅऺं
कोयल की कूक से तरन्नुम बजता वहाॅऺं
गाॅंव मेरा है शान्ति का बसेरा
गाॅंव मेरा है सुकून की छाॅऺंव
गाॅंव मेरा है प्रेम का खलिहान
© संजीव शर्मा, राजस्थान

72 comments

Unknown said...

Shaandaar jee shaandaar

Anil malhotra said...

Shandar jee shaandar����

Vinod kashyap said...

Bahut hi Shandar

Sushamasaxena said...

बेहतरीन रचना सटीक विश्लेषण जो कि आज भी सारगर्भित है

Unknown said...

Saral bhasha mein Uchch Koti ki Rachna

Unknown said...

अति उत्तम।

Girja Shanker Sharma said...

श्री संजीव जी नमस्कार। आपने रचना को अपने अन्त:करण में विराजमान कवि को बहुत ही हृदय स्पर्शी शब्दों से माला के रूप में पिरोकर अपने भारत देश के गाँव का दिग्दर्शन कराकर आनन्द की रिमझिम फुहारों से वातावरण सुहासित कर दिया है। आपको अनन्त हार्दिक शुभकामनाएँ एवं आपका अभिनंदन। (गिरजा शंकर शर्मा )🙏🙏💐💐💐💐💐

Sandeep Jain said...

अति उत्तम।

Unknown said...

बेहतरीन रचना सटीक विश्लेषण जो कि आज भी सारगर्भित है

Reply

Unknown said...

Very nice 👍

Rajendra Saini said...

कवि श्री संजीव शर्मा साहब को मेरा सादर नमस्कार ,
आप द्वारा इस कविता के माध्यम से गांव के वातावरण, लोगों के व्यवहार तथा प्रेम सद्भाव के साथ साथ सुकून और शांति का बहुत ही सटीक एवं सुंदर शब्दों में सार्थकता सहित परिचय दिया गया है ‌।

Ritu said...

Very nice sir����

Unknown said...

संजीव जी क्या बात है मेरे पास तो शब्दों का ही अकाल पङ गया है इतनी सुन्दर रचना लिखी गई है भगवान से प्रार्थना करता हूं कि आप इतनी ही सुन्दर सुन्दर रचना लिखते रहें और हम पढ कर आनंदित होते रहें।

Unknown said...

संजीव जी क्या बात है मेरे पास तो शब्दों का ही अकाल पङ गया है इतनी सुन्दर रचना लिखी गई है भगवान से प्रार्थना करता हूं कि आप इतनी ही सुन्दर सुन्दर रचना लिखते रहें और हम पढ कर आनंदित होते रहें।
शशिकांत जलन्धरा जयपुर

Atul Verma said...

हृदय स्पर्शी रचना । आपको हार्दिक शुभकामनाएँ । 🙏🙏

Unknown said...

धन्यवाद 🙏

Unknown said...

धन्यवाद 🙏

Unknown said...

धन्यवाद 🙏

Unknown said...

धन्यवाद ��

Unknown said...

धन्यवाद 🙏

Unknown said...

धन्यवाद 🙏

Unknown said...

धन्यवाद 🙏

Unknown said...

धन्यवाद 🙏

Unknown said...

धन्यवाद 🙏

Unknown said...

धन्यवाद 🙏

Unknown said...

धन्यवाद 🙏

Unknown said...

धन्यवाद 🙏

Unknown said...

धन्यवाद 🙏

Unknown said...

धन्यवाद 🙏

Dr RUCHiKA SHARMA said...

दिल की गहराई से गांव की व्याख्या

Unknown said...

Very good

Unknown said...

धन्यवाद 🙏

Unknown said...

भारत गांवों में बसता है।आपने गांव की खुशबू शब्दों में पिरो कर इसे चरितार्थ कर दिया।।गाव में आलग अलग आदमी नहीं बल्कि पूरा परिवार बसता है।।बहुत सुंदर

Unknown said...

बहुत बहुत धन्यवाद 🙏

Unknown said...

Very Nice

Rajeev Acharya said...

आपने गांव की खुशबू शब्दों में पिरो कर इसे चरितार्थ कर दिया।आपको हार्दिक शुभकामनाएँ एवं आपका अभिनंदन।🙏🙏💐💐💐💐💐

Unknown said...

धन्यवाद 🙏

Unknown said...

धन्यवाद 🙏

Unknown said...

धन्यवाद 🙏

Unknown said...

धन्यवाद 🙏

Gaurang Sharma said...

Behatareen

Unknown said...

धन्यवाद 🙏

Unknown said...

बहुत ही सुंदर रचना keep it up 👍

Unknown said...

Bahut Bahut Sunder Rachna. Bahut Bahut Hardik Badhai Sanjeev Sharma Ji ko

Unknown said...

धन्यवाद 🙏

Rimjhim Mathur said...

Beautifully penned sir 😊

Unknown said...

thanks 🙏

Unknown said...

बहुत अच्छा👍🏼

Unknown said...

धन्यवाद 🙏

Unknown said...

बहुत सुंदर विश्लेषण किया है।

Unknown said...

Udai Bhanu Maheshwari

Unknown said...

Excellent

Unknown said...

धन्यवाद 🙏🙏

Unknown said...

धन्यवाद 🙏

Unknown said...

Excellent 👍

Vibhash said...

अति उत्तम

Deepa Yadav said...
This comment has been removed by the author.
Deepa Yadav said...
This comment has been removed by the author.
Deepa Yadav said...
This comment has been removed by the author.
Deepa Yadav said...

Awesome ye rachna padh kar gaon mai bitaye hue pal ki yaad aa gaye bahut sunder👌

Unknown said...

धन्यवाद 🙏

Unknown said...

धन्यवाद 🙏

Unknown said...

धन्यवाद 🙏

Anonymous said...

Bade dino ke badd , gav ki batt padhe ke sahime gav yad aa gaye, sahi mayne me gav aisa laga jo kavita mai hai.

Shailesh C Jain said...

संजीव जी की काव्य रचनायें एक अलग ही संसार मे ले जाती हैं। यह रचना भी गांव मे ले गई, बेहद सुन्दर अभिव्यक्ति।~
शैलेश जैन

Aasha agarwala said...

Superb

Unknown said...

धन्यवाद 🙏

Unknown said...

धन्यवाद 🙏

Unknown said...

Bahut sundar

Unknown said...

Sundar

Unknown said...

धन्यवाद 🙏

Unknown said...

धन्यवाद 🙏